Gold hits near four-week low as dollar firms

goldmGold edged lower on Monday to touch a near four-week low as the dollar held firm, with the market waiting on comments from a top U.S. Federal Reserve official after last week’s soft economic data.
Spot gold fell 0.1 percent to $1,252.40 per ounce as of 0428 GMT. It hit a fresh low of $1,250.80 during the session, its lowest since May 24.

U.S. gold futures for August delivery fell 0.2 % to $1,254.20 an ounce.

Technically market is under fresh selling as market has witnessed gain in open interest by 2.47% to settled at 4679 while prices down -78 rupees, now Gold is getting support at 28643 and below same could see a test of 28597 level, And resistance is now likely to be seen at 28767, a move above could see prices testing 28845.

                           Trading Ideas
* Gold trading range for the day is 28597-28845.
* Gold prices dropped and ended the week with weakness in the wake of signals from the Federal Reserve for another increase to interest rates this year.
* Downbeat U.S. data, with construction for new houses down in May and a June drop in consumer sentiment, underpinned prices as well.
* Asia gold demand ticked up as global prices came off seven-month highs, while Indian buyers stayed on the sidelines waiting for further price drops.

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शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में मजबूती

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देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोमवार को मजबूती का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.32 बजे 176.13 अंकों की बढ़त के साथ 31,232.53 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 47.30 अंकों की मजबूती के साथ 9,635.35 पर कारोबार करते देखे गए।  बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 112.58 अंकों की बढ़त के साथ 31,168.98 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 38.35 अंकों की बढ़त के |

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एआईआईबी की तीसरी सालाना बैठक 2018 में भारत में

arbभारत साल 2018 में चीन द्वारा शुरू किए गए एशियन इंफ्रास्ट्रकचर इनवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की तीसरी वार्षिक बैठक की मेजबानी करेगा। बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एआईआईबी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि एआईआईबी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की तीसरी वार्षिक बैठक 2018 के जून में मुंबई में आयोजित की जाएगी। भारत एआईआईबी का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है।

 

एआईआईबी के उपाध्यक्ष और कॉपोर्रेट सचिव सर डैनी अलेक्जेंडर ने कहा, “हम भारत सरकार द्वारा प्रदान किए गए मजबूत समर्थन की सराहना करते हैं।” वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि तीसरे एआईबी वार्षिक बैठक के लिए मेजबान देश बनने से देश सम्मानित महसूस कर रहा है।  पिछले साल बीजिंग में पहली वार्षिक बैठक आयोजित की गई थी। दूसरी बैठक दक्षिण कोरिया के दक्षिण रिसॉर्ट द्वीप जेजू में शुक्रवार से शुरू हुई है, जो रविवार तक चलेगी।

 

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कच्चे तेल की कीमत 45.60 डॉलर प्रति बैरल

ie-dark-days-ahead-for-crude-oil2भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत गुरुवार को 45.60 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। यह बुधवार को दर्ज कीमत 46.48 डॉलर प्रति बैरल से कम है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीनस्थ पेट्रोलियम नियोजन एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) द्वारा शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। रुपये के संदर्भ में भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की कीमत गुरुवार को घटकर 2931.34 रुपये प्रति बैरल हो गई, जबकि बुधवार को यह 2989.06 रुपये प्रति बैरल थी। रुपया गुरुवार को मजबूत होकर 64.28 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ, जबकि बुधवार को यह 64.31 रुपये प्रति डॉलर था।

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जीएसटी देगा 15 से ज्यादा टैक्सों से छुटकारा

जीएसटी आने के बाद बहुत सी चीजें सस्ती हो जायेंगी, जबकि कुछ चीजों को खरीदने के लिए आपको जेबें ज्यादा खालीकरनी पड़ेंगी। लेकिन सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टैक्स का पूरा सिस्टम एकीकृत हो जाने से इसको समझना आसान हो जाएगा। जीएसटी आ जाने से 15 से ज्यादा टैक्सों से छुटकारा मिल जाएगा। देशभर में जीएसटी लागू होने से कुछ सप्ताह पहले सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कई वस्तुओं के टैक्स स्लैब घटा दिए हैं

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                    वो चीजें, जो मंहगी होने वाली हैं
सोना-
जीएसटी लागू होने के बाद देश के ज्यादातर हिस्सों में सोना महंगा हो सकता है। सोने पर इस समय 1 फीसदी उत्पाद शुल्क और 1 फीसदी का वैट लगाया जाता है। अब सोने पर टोटल 3 फीसदी का टैक्स लगेगा।
चीनी और चाय-
चीनी, खाद्य तेल, नार्मल टी और कॉफी पर जीएसटी के अंतर्गत 5 फीसद की दर से टैक्स लगेगा। मौजूदा समय में यह दर 4 से 6 फीसद है।
शैंपू-
शैंपू, परफ्यूम और मेकअप के उत्पादों पर 28 फीसदी टैक्स देना होगा जबकि इस पर अभी 22 फीसदी टैक्स लगता था।
मोबाइल फोन सेवाएं-
टेलीकॉम सेवाएं जीएसटी के अंतर्गत महंगी होंगी। सरकार ने इसे 18 फीसदी कर के दायरे में रखा है। फिलहाल मोबाइल बिल पर 15 फीसदी टैक्स लगता है।
बाहर खाना-पीना-
1 जुलाई से रेस्तरां में खाना महंगा हो जाएगा। अभी आपके खाने के पूरे बिल पर वैट लगाकर 11 फीसदी टैक्स लगता है।
कार-
जीएसटी के तहत सभी कारों पर 28 फीसदी का टैक्स लगाया गया है
लेदर –
चमड़े के बने बैग पर इस समय टैक्स और वैट मिलाकर 3.5 फीसदी टैक्स देना होता है। एक जुलाई से इस पर 28 फीसदी टैक्स देना होगा।
मोबाइल-
मोबाइल फोन पर जीएसटी में 12 फीसदी टैक्स रहेगा। अभी करीब 6 फीसदी टैक्स लगता है।
                         बहुत सारी चीजें सस्ती भी हुई हैं
कपड़े-
सभी तरह के कपड़े पर 5 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। वर्तमान में इस पर 7 फीसदी की दर से कर लगता है
अनाज-
जीएसटी काउंसिल ने अनाजों को जीएसटी के दायरे से रखा है, यानी इन पर कोई कर नहीं लगेगा। इसी तरह गेहूं, चावल सहित अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं को जीएसटी से छूट दी गई है।
मोटरसाइकिल-
जीएसटी में मोटरसाइकिलें भी कुछ सस्ती हो सकती हैं। इन पर टैक्स की दर करीब एक फीसदी कम होकर 28 फीसदी रह जाएगी।
स्मार्टफोन-
स्मार्टफोन भी जीएसटी में सस्ता हो जाएगा। इन पर अभी 13.5 फीसदी टैक्स लगता है। जीएसटी में इन पर 12 फीसदी कर लगाने का प्रस्ताव है
टैक्सी-
जीएसटी के तहत उबर और ओला जैसी एप आधारित टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों से टैक्सी की बुकिंग करना सस्ता हो जाएगा
आइसक्रीम-
प्रोसेस्ड फूड, कनफेक्शनरी उत्पाद और आइसक्रीम पर टैक्स की दर 18 फीसदी होगी जो पहले 22 फीसदी थी।

Uptick in physical demand buoys mentha oil

M123entha oil futures were trading higher during morning trade in the domestic market on Friday as investors and speculators build up fresh bets in the agri-commodity on upsurge in physical demand for mentha oil from major consuming industries in the domestic spot market.

Further, widening of positions by traders in the spot market was led by a surge in physical demand for mentha oil from consuming industries at the domestic spot market against insufficient stocks position on restricted supplies from producing regions, supported mentha oil prices at futures trade.

At the MCX, mentha oil futures for June 2017 contract is trading at Rs 931.40 per kg, up by 0.40 per cent, after opening at Rs 935.70, against the previous closing price of Rs 927.70. It touched the intra-day high of Rs 935.70.

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बैंकों के 12 बड़े कर्जदार मुश्किल में

Rbinoteबैंकों के 12 बड़े कर्जदार मुश्किल में आ गए हैं। इन कंपनियों पर इंडियन बैंकरप्सी कोड के तहत कार्रवाई होगी। इन कंपनियों में आलोक इंडस्ट्रीज, भूषण स्टील, जेपी इंफ्रा समेत 12 कंपनियों की मुश्किल बढ़ गई है। इन कंपनियों पर लाखों करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है।

 

आलोक इंइस्ट्रीज, भूषण स्टील और एस्सार स्टील को बैंकरप्सी के तहत लाया गया है। साथ ही लैंको इंफ्रा और मोनेट इस्पात पर भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स पर भी कार्रवाई होगी। जेपी इंफ्रा और भूषण पावर भी बैंकरप्सी के तहत कार्रवाई होगी। एबीजी शिपयार्ड, एम्टेक ऑटो पर भी कार्रवाई होगी। ज्योति स्ट्रक्चर्स और इरा इंफ्रा पर भी कार्रवाई होगी।

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GST का असर, भारत में गोल्ड पर डिस्काउंट बढ़ा

752-gst-newsलोकल मार्केट में गोल्ड 3-4 डॉलर प्रति औंस के डिस्काउंट पर मिल रहा है क्योंकि 1 जुलाई से जीएसटी के लागू होने की वजह से ज्वैलर्स इसका स्टॉक रखने के मूड में नहीं हैं। उनका ध्यान पुराने स्टॉक को निकालने पर है। इससे इस महीने गोल्ड इंपोर्ट में कमी आ सकती है, जिसके मई में 126 टन रहने का अनुमान है।
बुलियन डीलरों का कहना है कि मार्केट में गोल्ड की मांग बहुत कम है, इसलिए यह डिस्काउंट पर मिल रहा है। रिद्धिसिद्धि बुलियन के डायरेक्टर मुकेश कोठारी ने बताया ‘जीएसटी लागू होने के बाद गोल्ड की खरीदारी बढ़ेगी और उसका मार्केट पर असर भी होगा।’ भारत में सालाना 850-950 टन गोल्ड की खपत होती है

 
इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि ज्वैलर्स के गोल्ड का स्टॉक तैयार नहीं करने की कई वजहें हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलरी एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने बताया कि स्टॉक पर 1 पर्सेंट एक्साइज ड्यूटी पर सेनवैट बेनेफिट नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया, ‘इसका मतलब यह है कि जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें एक्साइज ड्यूटी पर रिफंड नहीं मिलेगा। दूसरी बात यह है कि कई ज्वैलर्स के पास इलीगल स्टॉक है, जिसे वे जीएसटी लागू होने से पहले निकालने को मजबूर हैं। तीसरी ,जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें रेगुलर इनवेंटरी की जानकारी देनी होगी। इसलिए ज्वैलर्स पुराना स्टॉक निकाल रहे हैं।’ मेहता ने बताया कि इसी वजह से गोल्ड पर अभी डिस्काउंट मिल रहा है।

 
जीएसटी में एक राज्य से दूसरे राज्य में गोल्ड ले जाने पर टैक्स लगेगा, लेकिन सामान की बिक्री के बाद उसका रिफंड क्लेम किया जा सकता है। मिसाल के लिए, अगर किसी नेशनल रिटेलर के पास एक राज्य में ज्यादा ज्वैलरी स्टॉक है और वह दूसरे राज्य में ट्रांसफर करना चाहता है तो उसे आईजीएसटी का भुगतान करना होगा। हालांकि, बाद में वह सेल्स रेवेन्यू से आईजीएसटी को एडजस्ट कर सकता है। इस वजह से देश भर में कई वेयरहाउस में ज्वैलरी स्टॉक मेंटेन करने का मतलब नहीं रह जाएगा। इससे वेयरहाउस पर रिटेलर्स की कॉस्ट कम होगी और वे ज्वैलरी का कम स्टॉक मेंटेन करेंगे। जीएसटी के लागू होने के बाद ग्राहकों की आदतों के बदलने के भी कयास लगाए जा रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने जीएसटी पर अपनी रिपोर्ट में कहा था, ’26 साल के हमारे डेटा की स्टडी से पता चलता है कि टैक्स बढ़ने पर गोल्ड की मांग पर असर पड़ता है। हालांकि, टैक्स की वजह से इंडस्ट्री की तरफ से ग्राहकों को दिए जाने वाले बेनेफिट पर भी असर पड़ सकता है।’

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